स्व. श्री अभिमन्यु अनत
Mauritius

स्व. श्री अभिमन्यु अनत

Late Shri Abhimanyu Unnuth

1. सेवानिवृत्त शिक्षक और सुप्रसिद्ध रचनाकार, 2. अनेक वर्षों तक महात्मा गांधी संस्थान की हिंदी पत्रिका 'वसंत' के संपादक एवं सर्जनात्मक लेखन एवं प्रकाशन विभाग के अध्यक्ष, 3. महात्मा गाँधी संस्थान की पत्रिका 'वसंत' एवं बाल-पत्रिका 'रिमझिम' के संस्थापक 4. दो वर्ष तक महात्मा गांधी संस्थान में हिंदी अध्यक्ष, 5. तीन वर्ष तक युवा मंत्रालय में नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक और 6. अठारह वर्ष हिंदी अध्यापन कार्य।
महात्मा गाँधी संस्थान, मोका, मॉरीशस

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) स्व. श्री अभिमन्यु अनत / Late Shri Abhimanyu Unnuth
वर्तमान पद / दायित्व 1. सेवानिवृत्त शिक्षक और सुप्रसिद्ध रचनाकार, 2. अनेक वर्षों तक महात्मा गांधी संस्थान की हिंदी पत्रिका 'वसंत' के संपादक एवं सर्जनात्मक लेखन एवं प्रकाशन विभाग के अध्यक्ष, 3. महात्मा गाँधी संस्थान की पत्रिका 'वसंत' एवं बाल-पत्रिका 'रिमझिम' के संस्थापक 4. दो वर्ष तक महात्मा गांधी संस्थान में हिंदी अध्यक्ष, 5. तीन वर्ष तक युवा मंत्रालय में नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक और 6. अठारह वर्ष हिंदी अध्यापन कार्य।
संस्थान / प्रतिष्ठान महात्मा गाँधी संस्थान, मोका, मॉरीशस
पता (Address) Royal Road, Triolet, Mauritius
ईमेल (Email) उपलब्ध नहीं / अप्रकट
दूरभाष (Phone) 00 230 261 9467

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

  • 1.कविता संकलन :

चार कविता संकलन प्रकाशित :

(i) कैक्टस के दांत

(ii) नागफनी में उलझी सांसें

(iii) एक डायरी बयान

(iv) गुलमोहर खौल उठा

आपके द्वारा संपादित कविता संकलन :

(i) मॉरीशस की हिंदी कविता

(ii) मॉरीशस के नौ हिंदी कवि

  • 2.नाटक :

(i) विरोध

(ii) तीन दृश्य

(iii) गूँगा इतिहास

(iv) रोक दो कान्हा

(v) देख कबीरा हांसी

  • 3.कहानी संग्रह :

(i) एक थाली समन्दर

(ii) खामोशी के चीत्कार

(iii) इंसान और मशीन

(iv) वह बीच का आदमी

(v) जब कल आएगा यमराज

आपके छोटे-बड़े उपन्यासों की संख्या पैंतीस है। कुछ प्रसिद्ध नाम नीचे दिए जा रहे हैं :

(i) लहरों की बेटी

(ii) मार्क ट्वेन का स्वर्ग

(iii) फैसला आपका

(iv) मुड़िया पहाड़ बोल उठा

(v) और नदी बहती रही

(vi) आन्दोलन

(vii) एक बीघा प्यार

(viii) जम गया सूरज

(ix) तीसरे किनारे पर

(x) चौथा प्राणी

(xi) लाल पसीना

(xii) तपती दोपहरी

(xiii) कुहासे का दायरा

(xiv) शेफाली

(xv) हड़ताल कब होगी

(xvi) चुन-चुन चुनाव

(xvii) अपनी ही तलाश

(xviii) पर पगडंडी मरती नहीं

(xix) अपनी-अपनी सीमा

(xx) गांधीजी बोले थे

(xxi) शब्द भंग

(xxii) पसीना बहता

(xxiii) आसमाप अपना आँगन

(xxiv) अस्ति-अस्तु

(xxv) हम प्रवासी

आपके उपन्यासों में सर्वश्रेष्ठ है 'लाल पसीना', जिसे महाकाव्यात्मक उपन्यास माना जाता है।

उल्लेखनीय गतिविधियाँ / सहभागिता (Activities)

आपने अनेकानेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों/कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया है।

सम्मान व पुरस्कार (Awards & Honours)

आपको अनेकानेक प्रतिष्ठित सम्मान/पुरस्कार प्राप्त:

  • 1.उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा पुरस्कृत,
  • 2.लखनव तथा दिल्ली हिंदी द्वारा पुरस्कृत,
  • 3.राजीव गाँधी स्मृति परिषद द्वारा पुरस्कृत,
  • 4.के.के बिरला फाउंडेशन द्वारा पुरस्कृत,
  • 5.केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा द्वारा पुरस्कृत,
  • 6.इलाहाबाद साहित्य संस्थान की ओर से 'जोर्ज ग्रिएसोन पुरस्कार',
  • 7.साथ ही साथ आपको अनेक महान पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जैसे 'साहित्य अकादमी', 'भूषण सम्मान', 'कुम्भ साहित्य सम्मान', 'सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार', 'मैथिलीशरण गुप्त सम्मान', 'यशपाल पुरस्कार', 'जनसंस्कृति सम्मान' इत्यादि।

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

  • 1.शांत, सौम्य व्यक्तित्व के धनी आप (श्री अभिमन्यु अनत) मॉरिशस ही नहीं, वरन पूरी हिंदी जगत के शिरोमणि हैं।
  • 2.उपन्यास के क्षेत्र में आप (श्री अभिमन्यु अनत) मॉरिशस के `उपन्यास सम्राट' हैं।
  • 3.मॉरिशस में आपकी छवि विद्रोही लेखक के रूप में होती है। आपकी लेखनी में सदैव आमजन की भावना मुखरित होती है। पद का लालच आपको कभी बांध नहीं पाया। अपनी लेखनी को सशक्त बनाने के लिए कई बार आपने पद को भी ठोकर मार दी।
  • 4.मॉरिशस में हिंदी साहित्य और आप (श्री अभिमन्यु अनत) एक दूसरे के पूरक हैं।
  • 5.आपका पूरा लेखन कार्य मॉरीशसीय हिंदी साहित्य पर आधारित है। अब तक आपके जिनते भी उपन्यास और कहानी-संग्रह प्रकाशित हुए हैं, उनमें मॉरीशस के देहातों की मर्मस्पर्शी झाँकी देखने को मिलती हैं।
  • 6.आप 45 वर्षों से अधिक हिंदी साहित्य में अपना भरपूर्ण योगदान देते आए हैं।
  • 7.आप एक बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न लेखक हैं जिन्होंने कहानी, उपन्यास, कविता, नाटक, संस्मरण, रिपोर्ताज आदि अनेक विधाओं में लिखा है। आपकी कहानियों में मॉरीशस के जन-जीवन की ऐसी कलात्मक झाकियाँ हैं जो हमारे मन-मस्तिष्क की गहराई तक उद्वेलित करती हैं – कहीं भाव-विभोर और कहीं विचारोत्तेजित करके सोचने-समझने को विवश करती हैं। अपनी कहानियों में मानव-जीवन के प्रेम, घृणा, इर्ष्या, द्वेष, स्वाभिमान, दम्भ, क्रोध, दमन, शोषण, मैत्री आदि भावों को साकार एवं जीवंत बनाने में पूर्णतः सफल हुए हैं।
  • 8.यह बात भी उल्लेखनीय है कि आपके कई लेखन कार्य फ्रेंच में भी अनुदित हुए हैं।
  • 9.देश की लगभग 80 पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएँ प्रकाशित।

सूचना स्रोत (Source)

http://bharatdiscovery.org/india/ विश्व हिंदी सचिवालय