22 से 24 सितंबर, 2012 को जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 9वें विश्व हिंदी सम्मेलन में यह ऐतिहासिक संकल्प पारित किया गया था कि विश्व भर में हिंदी के प्रचार-प्रसार, शिक्षण एवं शोध में संलग्न विद्वानों तथा संस्थाओं का एक एकीकृत वैश्विक डेटाबेस तैयार किया जाए। इस पुनीत कार्य का दायित्व विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस को सौंपा गया।
"विश्व भर में हिंदी के शिक्षण, अध्ययन-अध्यापन से संबद्ध विश्वविद्यालयों, पाठशालाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों तथा विश्व भर के हिंदी विद्वानों, लेखकों, शोधकर्ताओं तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार से जुड़े व्यक्तियों का एक वैश्विक डेटाबेस निर्मित किया जाए तथा इसे एक खोज-प्रणाली के रूप में इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जाए।"
विश्व हिंदी सचिवालय, भारत सरकार और मॉरीशस सरकार की एक द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनवाने तथा वैश्विक स्तर पर हिंदी के संवर्धन हेतु समन्वय स्थापित करना है।
मॉरीशस सरकार और भारत सरकार की द्विपक्षीय संस्था
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