संजय भारद्वाज
India

संजय भारद्वाज

Sanjay Bharadwaj

प्रकाशन-प्रकल्प संयोजन-फ़िल्म निर्माण

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) संजय भारद्वाज / Sanjay Bharadwaj
वर्तमान पद / दायित्व प्रकाशन-प्रकल्प संयोजन-फ़िल्म निर्माण
संस्थान / प्रतिष्ठान
पता (Address) एफ आई-1, हिमगिरिनाथ सोसायटी, 486-ए, एलफिंस्टन रोड, खडकी, पुणे 411003 (महाराष्ट्र)
ईमेल (Email) writersanjay@gmail.com
दूरभाष (Phone) 09890122603

शिक्षा एवं अकादमिक योग्यता (Education)

बी-एससी., डी-फार्मा।

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

नाटक-एक भिखारिन की मौत, चक्रव्यूह, दलदल मृत्युदंड, दमन, संवाद आदि 25 नाटक। 25 से अधिक रेडियो नाटकों, एकाकी एवं रूपकों का लेखन, 250 से अधिक कविताओं की रचना। प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद की कहानियों का नाट्य रूपांतरण। 20 कहानियाँ, 50 पुस्तक समीक्षाएँ

उल्लेखनीय गतिविधियाँ / सहभागिता (Activities)

१९९५ में उन्होंने हिंदी आंदोलन की स्थापना की जो पुणे में भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों का सबसे बड़ा मंच है। पुणे से प्रकाशित प्रथम हिन्दी पाक्षिक 'विश्वभाषा' का संपादन व प्रकाशन तथा अनेक अन्य पत्रिकाओं के विशेषांकों के अतिथि संपादन के अतिरिक्त उन्होंने पुणे में हिंदी के स्तरीय रंगकर्म के लिए 'भूमिका कलामंच` की स्थापना की। वे अनेक कविसंमेलनों का आयोजन, व्यवस्थापन व संचालन भी कर चुके हैं।

सम्मान व पुरस्कार (Awards & Honours)

वागीश्वरी सम्मान, हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा सम्मेलन सम्मान, अमीने-अदब सम्मान, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा साहित्यसेवा सम्मान, 35वें महाराष्ट्र राज्य नाट्य समारोह में पुरस्कृत, विश्वविद्यालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ नाटक व सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान 1985

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

संपादन-दीपावली अंक-अक्षर, हिंदी पत्रिका-विश्वभाषा, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की मासिक पत्रिका-जय भारती (अतिथि संपादन), 1857 के प्रथम स्वाधीनतासंग्राम पर एक विशेषांक का संपादन, वैब अखबार थर्ड आई डाट कॉम के संपादकीय सलाहकार।

वेब आधारित कड़ियाँ (Web Links)

सूचना स्रोत (Source)

  • 1.विकीपीडिया हिंदी
  • 2.साहित्य शिल्पी
  • 3.हिंदी लेखक ब्लॉग
  • 4.भारत कोश
  • 5.बृहत् साहित्यकार संदर्भ कोश
  • 6.साहित्य अमृत
  • 7.कविता कोश
  • 8.हिंदी समय
  • 9.केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
  • 10.सांगोपांग

(साभार)