विदा की साँझ, गांधारी, अर्चना, महुए महक गए कुछ और, तृषित सिंधु तट, लहरों की गोद में, राग रंग, जसमा और अन्य संगीतरूपक, देवांगना (नाटक), आग के आखर, आजादी की अलख, भारत में प्रेस-विधि आदि; पत्रकारी लेखन के आयाम, पत्रकारिता के प्रेरक प्रसंग, समाचारपत्रों में सामयिक लेखन, वक्र बखान, सूरत-ए-हाल (व्यंग्य-लेखन), लैंडमार्क स्पीचेज आफ़ ग्रेट इंडियंस (खंड 2)
सम्मान व पुरस्कार (Awards & Honours)
भारत सरकार द्वारा भारतेंदु पुरस्कार तथा राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर द्वारा विशिष्ट साहित्यकार सम्मान व कन्हैंयालाल सहल पुरस्कार; जुलाई 1997 में तत्कालीन राज्यपाल बलिराम भगत द्वारा वागीश्वर अलंकरण एवं एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित।