श्रीमती पुष्पा भार्गव
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श्रीमती पुष्पा भार्गव

Mrs. Pushpa Bhargav

आपने पिछले 30 वर्ष बॉरो ऑफ ब्रेंट तथा नॉर्थ लंदन के विभिन्न स्कूलों में शिक्षण कार्य किया। आप विभिन्न स्कूलों में गर्वनर होने के साथ ही अनेकानेक संस्थाओं की प्रधान सचिव, ट्रस्टी व अध्यक्ष रही हैं। संप्रति आप 'इंडियन फोरम ऑन ब्रिटिश मीडिया की पी.आर.ओ. तथा कला-ज्योति जैसी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था की अध्यक्षा हैं। (कला-ज्योति एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से आप हिंदी एवं भारतीय कला के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।)
कला-ज्योति (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था)

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) श्रीमती पुष्पा भार्गव / Mrs. Pushpa Bhargav
वर्तमान पद / दायित्व आपने पिछले 30 वर्ष बॉरो ऑफ ब्रेंट तथा नॉर्थ लंदन के विभिन्न स्कूलों में शिक्षण कार्य किया। आप विभिन्न स्कूलों में गर्वनर होने के साथ ही अनेकानेक संस्थाओं की प्रधान सचिव, ट्रस्टी व अध्यक्ष रही हैं। संप्रति आप 'इंडियन फोरम ऑन ब्रिटिश मीडिया की पी.आर.ओ. तथा कला-ज्योति जैसी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था की अध्यक्षा हैं। (कला-ज्योति एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से आप हिंदी एवं भारतीय कला के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।)
संस्थान / प्रतिष्ठान कला-ज्योति (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था)
पता (Address) 243C, Wingletye Lane, Emerson Park, Hornchurch, Essex, RM11 3BL, U.K.
ईमेल (Email) उपलब्ध नहीं / अप्रकट
दूरभाष (Phone) उपलब्ध नहीं

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

  • 1.संपादन : 'नूपुर' पत्रिका
  • 2.कविता संग्रह : 'धरती एक पुल' में कविताएँ प्रकाशित, पृष्ठ 145-150

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

  • 1.आपको बाल्यकाल से ही भारतीय दर्शन, साहित्य, कला, नृत्य एवं संगीत में रूचि रही, जिसकी अभिव्यक्ति आपने हिंदू कल्चरल सोसाइटी तथा ब्रंट हिंदू समाज के माध्यम से दशहरा, दिवाली मेला आदि के कार्यक्रम बेलार्ड लेन, फिन्चले पार्क के विस्तृत मैदान में आयोजित करके किया।
  • 2.आप हिंदू समाज की एक प्रतिबद्ध नेत्री हैं। आपकी संस्था द्वारा आयोजित दशहरे मेले में संपूर्ण यू.के. के तकरीबन बारह हज़ार दर्शक, कलाकार एवं कार्यकर्ता भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने हेतु भाग लेते हैं।

सूचना स्रोत (Source)

कविता संग्रह : धरती एक पुल, प्रकाशक : वाणी प्रकाशन, संस्करण : 2004, पृष्ठ : 145