स्व. डॉ. मदनलाल मधु
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स्व. डॉ. मदनलाल मधु

Late Dr. Madan Lal Madhu

1. लेखक 2. अनुवादक 3. पत्रकार 4. अध्यापन कार्य, मास्को 5. 1847 से 1957 तक अध्यापन कार्य 6. अनुवादक-संपादक, प्रगति प्रकाशन तथा रादुगा प्रकाशन, मास्को 7. ‘सोवियत नारी’ मासिक पत्रिका का साहित्यिक तथा शैली संपादन 8. संवाददाता, दैनिक ट्रिब्यून तथा संडे मेल साप्ताहिक

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) स्व. डॉ. मदनलाल मधु / Late Dr. Madan Lal Madhu
वर्तमान पद / दायित्व 1. लेखक 2. अनुवादक 3. पत्रकार 4. अध्यापन कार्य, मास्को 5. 1847 से 1957 तक अध्यापन कार्य 6. अनुवादक-संपादक, प्रगति प्रकाशन तथा रादुगा प्रकाशन, मास्को 7. ‘सोवियत नारी’ मासिक पत्रिका का साहित्यिक तथा शैली संपादन 8. संवाददाता, दैनिक ट्रिब्यून तथा संडे मेल साप्ताहिक
संस्थान / प्रतिष्ठान
पता (Address)
ईमेल (Email) उपलब्ध नहीं / अप्रकट
दूरभाष (Phone) उपलब्ध नहीं

शिक्षा एवं अकादमिक योग्यता (Education)

  • 1.पीएचडी, मास्को राजकीय विश्वविद्यालय
  • 2.एम.ए. होनर्स, पंजाब विश्वविद्यालय

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

  • 1.मधु म.,गोर्की और प्रेमचंद – दो अमर प्रतिभाएँ (विवेचनात्मक ग्रंथ)
  • 2.मधु म., यादों के धुंधले-उजले चेहरे (दो भागों में संस्मरण)
  • 3.हिंदी-रुसी शब्दकोश

आपकी दो कविता-संग्रह प्रकाशित।

उल्लेखनीय गतिविधियाँ / सहभागिता (Activities)

‘हिन्दुस्तानी समाज’, मास्को की अनेकानेक साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में आपकी सक्रिय सहभागिता रही। आपने अनेक कवि-सम्मेलनों एवं साहित्यिक गोष्ठियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है।

सम्मान व पुरस्कार (Awards & Honours)

  • 1.2013, सत्यभूषण शिकार सृजन सम्मान
  • 2.2008, राज भाषा सम्मान
  • 3.2007, लक्ष्मीमल्ल सिंघवी सम्मान, विश्व हिंदी परिषद द्वारा
  • 4.2006, स्वर्णाक्षर सम्मान, मास्को मीडिया यूनियन द्वारा
  • 5.2004, ‘हिंद रत्न’, ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी कांग्रेस’ द्वारा
  • 6.2004, श्रेष्ठ प्रवासी की उपाधि, अंतरराष्ट्रीय प्रवासी कानफ्रेंस
  • 7.2001, भारत-रूस मैत्री तथा सांस्कृतिक संबंधों के सुदृढ़ीकरण के लिए ‘मैत्री पदक’, रूस का एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रूस के राष्ट्रपति द्वारा
  • 8.1999, रूस के महाकवि पुश्किन की द्विशताब्दी के अवसर पर ‘पुश्किन स्वर्ण-पदक’ तथा प्रशस्तिपत्र, अंतरराष्ट्रीय पुश्किन समारोह समिति द्वारा
  • 9.1991, विदेश में हिंदी भाषा तथा साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए ‘पद्मश्री’ की उपाधि, भारत के राष्ट्रपति द्वारा
  • 10.1987, ‘द्विवागीश’ की उपाधि, भारतीय अनुवाद परिषद द्वारा

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

आप ‘नवभारत टाइम्स’ के लिए वर्षों तक सांस्कृतिक-साहित्यिक तथा राजनीतिक विषयों पर लिखते थे। आप रूसी कविताओं का हिंदी अनुवाद करते थे।