महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
India

महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय

Mahatma Gandhi International Hindi University

प्रो. गिरीश्वर मिश्र, कुलपति

संस्था संपर्क विवरण (Contact Details)

संस्था का नाम महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय / Mahatma Gandhi International Hindi University
पता (Address) महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, गाँधी हिल्स, पोस्ट : हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा – 442005 (महाराष्ट्र) भारत
ईमेल (Email) registrar.mgahv@gmail.com
दूरभाष / फैक्स +91-7152-230902, फैक्स : +91-7152-230903
वेबसाइट (Website) www.hindivishwa.org/

उद्देश्य एवं लक्ष्य (Objectives)

क्षेत्रीय, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी का सम्यक विकास। हिंदी को वैश्विक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने का सुसंगत प्रयास। महात्मा गांधी के मानवतावादी मूल्यों; यथा - शांति, अहिंसा, सत्य, धर्मनिरपेक्षता, आदि का उन्नयन, स्थापन एवम्‌ प्रसार। हिंदी को जनसंचार, व्यापार, प्रबंधन, विज्ञान एवम्‌ तकनीकी शिक्षा, तथा प्रशासनिक कामकाज की भाषा के रूप में दक्ष बनाना ताकि इसे रोजगार से जोड़ा जा सके। हिंदी के माध्यम से अंतर-अनुशासनिक ज्ञान-प्रणाली को बढ़ावा देना। एक अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय का विकास। अंतरराष्ट्रीय विमर्श के एक केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय का विकास।

इतिहास एवं पृष्ठभूमि (History)

महात्मा गांधी के सपनों के भारत में एक सपना राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को प्रतिष्ठित करने का भी था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी राष्ट्र गूँगा हो जाता है। नागपुर में आयोजित प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (10-14 जनवरी,1975) में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि संयुक्त राष्ट्रसंघ में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थान दिया जाए तथा एक अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाय जिसका मुख्यालय वर्धा में हो। अगस्त,1976 में मॉरीशस में आयोजित द्वितीय विश्व हिंदी सम्मेलन में यह तय किया गया कि मॉरीशस में एक विश्व हिंदी केंद्र की स्थापना की जाए जो सारे विश्व में हिंदी की गतिविधियों का समन्वय कर सके। चतुर्थ विश्व हिंदी सम्मेलन (दिसम्बर-1993) के बाद विश्व हिंदी सचिवालय की स्थापना मॉरीशस में हुई और भारत में एक अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना को मूर्त रूप देने की आवश्यकता समझी गयी। यह संभव हुआ वर्ष 1997 में- जब भारत की संसद द्वारा एक अधिनियम पारित करके महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना राष्ट्रपिता की कर्मभूमि वर्धा में की गयी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र की एक लालसा भी पूरी हुई जो उनके मन-मस्तिष्क में छायी रही थी। वह लालसा थी 'अपने उद्योग से एक शुद्ध हिंदी की यूनिवर्सिटी स्थापित करना'। संसद द्वारा वर्ष 1997 में पारित अधिनियम (क्रमांक-3) शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य के संवर्द्धन एवं विकास हेतु एक ऐसे आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित करता है जो हिंदी भाषा में श्रेष्ठतर क्रियात्मक कार्यदक्षता विकसित करने में समर्थ हो, ताकि इसे एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया जा सके। बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में इस विश्वविद्यालय ने कार्य करना आरंभ किया।

गतिविधियाँ एवं पाठ्यक्रम (Activities & Programs)

प्रारम्भ में इसके 8 विद्यापीठ अधिकल्पित किये गये जिनके नाम इस प्रकार हैं:

  • 1.साहित्य विद्यापीठ
  • 2.भाषा विद्यापीठ
  • 3.संस्कृति विद्यापीठ
  • 4.अनुवाद तथा व्याख्या विद्यापीठ
  • 5.मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ
  • 6.सृजन विद्यापीठ
  • 7.प्रबंध विद्यापीठ
  • 8.शिक्षा विद्यापीठ

विश्वविद्यालय का प्रयास है कि -

वह विभिन्न ज्ञानानुशासनों में अद्यतन मौलिक सृजन तथा विश्व की अन्य भाषाओं में विद्यमान ज्ञान सम्पदा का अनुवाद हिन्दी भाषा में कर सके।

समस्त विश्व में फैले हुए भारतीय मूल के व्यक्तियों तथा विदेशी हिन्दी अध्येताओं / प्रेमियों के लिए एक सम्पर्क केन्द्र का कार्य कर सके।

समस्त विश्व में हिन्दी भाषा से सम्बन्धित अध्ययन/शोध/अनुसंधान आदि का व्यापक डाटाबेस तैयार करे जिससे हिन्दी भाषा से सम्बन्धित जानकारी सरलता से व्यापक जन तक पहुँच सके।

हिन्दी की बेहतरीन रचनाओं को विश्व की अन्य समृद्ध भाषाओं - फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, अरबी इत्यादि - में अनुवाद करे।

प्रकाशन (Publications)

बहुवचन पुस्तक-वार्ता Hindi Language Discourse Writing हिंदी समय निमित्त ई - पत्रिका अनुसृजन संवर्धन (पत्रिका )

अतिरिक्त विवरण (Other Information)

विश्वविद्यालय की दृष्टि- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के मध्य व्यापक एवम्‌ बहुल संपर्क व समन्वय पर जोर। भारतीय एवम्‌ वैश्विक भाषाओं के अन्त:सम्पर्क से समन्वय की संस्कृति का पल्लवन एवं विकास। हिंदी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं संदेशों की संवाहक भाषा के रूप में प्रतिष्ठा। ज्ञान, शांति एवं मैत्री की परिकल्पना को मूर्त रूप देने का गंभीर प्रयास।

वेब कड़ियाँ (Links)

सूचना स्रोत (Source)

निजी संपर्क, ईमेल, इंटरनेट
संस्था का सारांश

क्षेत्र (Zone): India

प्रमुख व्यक्ति: प्रो. गिरीश्वर मिश्र, कुलपति

संबद्धता: विश्व हिंदी डेटाबेस, मॉरीशस